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अमर उजाला शिक्षा अभियान : कोरोना में खोया आत्मविश्वास जगाने की कोशिश

Wed, 30 Mar 2022 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कांगड़ा

सार

कोरोना काल के कारण करीब दो वर्ष तक बंद रहे स्कूलों में पहुंचे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खासा असर पड़ा था। बच्चे कई प्रकार के रोगों से घिर गए थे, जिन्हें फिर से स्कूल के माहौल में ढालने के लिए स्कूल प्रबंधन ने खासी भूमिका निभाई है।
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अनीश बनियाल, प्रधानाचार्य - फोटो : Kangra
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विस्तार
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कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों की भरपाई के लिए शिक्षक पूरी तरह से जुट गए हैं। शिक्षकों ने जहां अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश की है, वहीं उनका मनोबल बढ़ाने के लिए स्कूलों में कई प्रकार के कार्यक्रम भी करवाए गए हैं।

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इन कार्यक्रमों में भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटकों के अलावा चित्रकला प्रतियोगिताओं को भी शामिल गया है। गौर रहे कि कोरोना काल के कारण करीब दो वर्ष तक बंद रहे स्कूलों में पहुंचे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खासा असर पड़ा था। इस दौरान बच्चे खेल गतिविधियों से दूर रहने के कारण कई प्रकार के रोगों से घिर गए थे, जिन्हें फिर से स्कूल के माहौल में ढालने के लिए स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ स्कूलों में तैनात पीटीआई व डीपीई ने भी खासी भूमिका निभाई है। बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए स्कूलों में खेल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

अभिभावकों के साथ की काउंसलिंग: अनीश
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चढ़ी के प्रिंसिपल अनीश बनियाल ने बताया कि कोरोना काल के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में काफी बदलाव दिखे। सबसे पहले बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया गया। जो बच्चे नियमित स्कूल आ रहे थे और जो नहीं आ रहे थे, उनकी अलग-अलग लिस्ट बनाई गई। उसके बाद बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग कर उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बच्चों की कोरोना काल में छूटी पढ़ाई की भरपाई करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गईं।
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फिटनेस के सिखाए गए गुर : पंकज
वहीं पीटीआई पंकज कुमार ने बताया कि कोरोना काल में ही बच्चों को फिट रखने के लिए कार्य किया गया। उन्हें दौड़ लगाने, वार्मअप करने सहित कई गतिविधियों से वीडियो के माध्यम से अवगत करवाया गया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में ग्रुप में खेली जाने वाली खेलों पर प्रतिबंध था। इसके चलते स्कूली बच्चों को दौड़ लगाने, वार्मअप करने, गेंद को बांध कर प्रैक्टिस करने सहित अन्य कई प्रकार की गतिविधियां करवाई गईं, जिससे वह फिट रह सकें। वहीं स्कूल खुलने के बाद उन्हें पूरे कोविड प्रोटोकाल के तहत घर में भी प्रैक्टिस करने के गुर सिखाए गए।

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