धर्मशाला। स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ ने बोर्ड प्रशासन पर क्लर्क की भरती लटकाने का आरोप लगाया है। शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ की बैठक शनिवार दोपहर संघ के प्रधान मनोहर ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें समस्त पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया। सदस्यों ने एक मत से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि बोर्ड प्रशासन द्वारा लिपिक की भरती में टालमटोल रवैया सहन नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के निर्देशों तथा संघ के अथक प्रयासों के बाद 16 जनवरी 2010 को सर्विस कमेटी द्वारा 40 लिपिक के पद प्रदान किए गए। इनकी प्रवेश परीक्षा 11 सितंबर 2011 को व साक्षात्कार 1 से 8 फरवरी 2012 को संपन्न हो चुके हैं। आरोप लगाया कि इसके परिणाम को अब बिना किसी कारण के लटकाया जा रहा है। वर्तमान में स्वीकृत 637 पदों में से 453 भरे हुए हैं, जबकि 184 पद अभी तक रिक्त पड़े हैं। वर्ष 2011 से 2015 तक लगभग 130 अधिकारी व कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। कार्य की अधिकता और स्टाफ की कमी के कारण अवकाश के दिन भी कर्मियों को सेवाएं देनी पड़ रही हैं।
संघ के प्रधान मनोहर ठाकुर, उप प्रधान सुरेश पठानिया, महासचिव रतन लाल हंस, संयुक्त सचिव मोहन सिंह राणा, प्रेस सचिव विकास सिंह सिरमौरिया और सह सचिव राम लाल का कहना है कि लिपिक परीक्षा का परिणाम अतिशीघ्र घोषित कर नियुक्तियां की जाएं। शेष रिक्त पदों को भरने के लिए सर्विस कमेटी की बैठक कराई जाए। अन्यथा संघ को मजबूर होकर कठोर पग उठाने पर बाध्य होना पड़ेगा।