नूरपुर (कांगड़ा)। बहुप्रतीक्षित प्रस्तावित पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण के लिए नूरपुर प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभागीय जानकारी के अनुसार कंडवाल से भेडखड्ड तक फोरलेन के निर्माण की जद में करीब 750 इमारतें आएगी।
प्रशासन ने करीब 264 इमारतों का अवार्ड कर दिया है, जिनकी मुआवजा करीब 35 करोड़ 45 लाख आंका गया है। नूरपुर प्रशासन ने इनकी रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेज दी है और जैसे ही इसका बजट जारी होगा, वैसे ही प्रशासन फोरलेन की चपेट में आने वाली इमारतों के मालिकों को मुआवजा राशि जारी कर देगा। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनने वाले फोरलेन को लेकर प्रशासन की ओर से जमीन अधिग्रहण के कार्य में तेजी लाई गई है, जिससे इस फोरलेन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
नूरपुर प्रशासन ने अभी तक फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे की कुल 144 करोड़ की राशि में से 121 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि फोरलेन प्रभावितों को वितरित कर दी है, जबकि शेष को मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया जारी है। फोरलेन निर्माण को लेकर करीब 28 हेक्टेयर जमीन अधिकृत की गई है और इससे लगभग 3900 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने फोरलेन निर्माण के लिए करीब 15 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन और अधिग्रहण की है, जिसका 41 करोड़ रुपये का मुआवजा आंका है। इससे करीब 1300 लोग प्रभावित हुए हैं। उपमंडल नूरपुर के तहत कंडवाल से लेकर भेड़खड्ड तक करीब 31 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनेगा, इसमें 31 मुहाल के लगभग 5200 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनकी जमीन फोरलेन की चपेट में आई है। उधर, एसडीएम नूरपुर अनिल भारद्वाज ने बताया कि नूरपुर उपमंडल के तहत बनने वाले फोरलेन के लिए अधिग्रहण की गई भूमि का 144 करोड़ मुआवजा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जारी किया है। इसमें से प्रशासन ने करीब 121 करोड़ की मुआवजा राशि प्रभावित लोगों को वितरित कर दी है और शेष मुआवजा राशि को वितरित किए जाने की प्रक्रिया जारी है।