अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला में हाईकोर्ट के आदेशों के बाद होटलों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने की कार्रवाई को होटल एसोसिएशन ने पर्यटन विरोधी करार दिया है। मंगलवार को होटल एसोसिएशन मैक्लोडगंज के अध्यक्ष अश्वनी बांबा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से मनाली होटल एसोसिएशन की तर्ज पर पीक सीजन पर मैक्लोडगंज में भी होटल बंद रखने का फैसला लिया गया।
बैठक में होटल एसोसिएशन मनाली के उस फैसले का समर्थन किया गया, जिसमें उन्होंने होटलों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के विरोध में लिया है। मैक्लोडगंज होटल एसोसिएशन ने मनाली होटल एसोसिएशन के इस फैसले का स्वागत किया है। होटल एसोसिएशन मैक्लोडगंज के सदस्यों की मानें तो पर्यटन नगरी में होटलों के बिजली और पानी के कनेक्शन कटने से करीब पांच हजार लोगों का रोजगार छिन गया है, तो वहीं स्थानीय दुकानदारों और यहां विभिन्न वस्तुओं की सप्लाई लेकर आने वाले छोटे व्यापारियों के व्यापार पर भी प्रभाव पड़ा है। वहीं 24 और 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाने मैक्लोडगंज आए पर्यटक भी काफी परेशान हुए हैं। क्योंकि उन्हें धर्मशाला में ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल पाए। इससे उन्हें सड़कों पर रात गुजारनी पड़ी। एसोसिएशन का आरोप है कि जहां एक ओर सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कह रही है, वहीं मैक्लोडगंज को कोर एरिया से बाहर करने के फैसले को अभी भी टीसीपी लागू नहीं कर पाया है। इससे होटल मालिकों को नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि मैक्लोडगंज से प्रति माह सरकार को विभिन्न टैक्सों के रूप में करीब एक करोड़ रुपये का कोष दिया जाता है। वहीं, बिजली बोर्ड को भी कॉमर्शियल रेट में बिल का भुगतान होता है। ऐसे में होटलों पर हुई यह कार्रवाई तर्कसंगत नहीं है। एसोसिएशन ने मांग उठाई है कि रिटेंशन पॉलिसी को बहाल करने के लिए सरकार कदम उठाए। साथ ही कोर एरिया से मैक्लोडगंज को हटाने संबंधित फैसले को शीघ्र लागू करे। बैठक में एसोसिएशन के महासचिव संजीव गांधी, कोषाध्यक्ष राहुल धीमान, सलाहकार ओंकार नैहरिया, प्रकाश चौधरी, विशाल नैहरिया, संजीव नैहरिया और जय राम शर्मा आदि मौजूद रहे।