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पौंग और रेणुका वेटलैंड के संरक्षण के लिए दिए 5.73 करोड़ रुपये : कीर्ती

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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण झीलों और जलीय क्षेत्रों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय मदद जारी की है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में बताया कि राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण योजना (एनपीसीए) के तहत हिमाचल प्रदेश को कुल 5.73 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
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सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस राशि का मुख्य हिस्सा प्रदेश की दो प्रमुख रामसर साइट्स पर खर्च किया जा रहा है। इसमें कांगड़ा जिले के पौंग बांध झील के संरक्षण संबंधी कार्यों के लिए 3.14 करोड़, जबकि सिरमौर के रेणुका वेटलैंड के पारिस्थितिक सुधार के लिए 2.59 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि हिमाचल में तीन पौंग बांध झील, रेणुका वेटलैंड और चंद्रताल वेटलैंड अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट्स में शामिल हैं। ये वेटलैंड्स हिमालयी जैव-विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि पौंग और रेणुका वैटलैंड को मिली धनराशि का उपयोग अपशिष्ट जल के अवरोधन, तटबंध संरक्षण, झील-तट विकास, डिसिल्टिंग, डी-वीडिंग, वर्षा जल प्रबंधन, बायोरेमेडिएशन, जलग्रहण क्षेत्र उपचार, बायो-फेंसिंग, मत्स्य पालन विकास, खरपतवार नियंत्रण तथा जैव-विविधता संरक्षण जैसे कार्यों में किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
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केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य की तीनों अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त रामसर साइट्स (पौंग, रेणुका और चंद्रताल) के लिए पांच वर्षीय एकीकृत प्रबंधन योजनाएं तैयार की गई हैं। इनके माध्यम से न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों को भी जागरूक और प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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