अवैध खनन से 15 फीट गहरी हो गई सराह खड्ड
खनन के लिए चैतड़ू में नए पुल के पास बनाए गए हैं रास्ते
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिला प्रशासन और खनन विभाग ने अवैध खनन पर रोक के लिए सारा ध्यान चक्की खड्ड पर लगा दिया है, लेकिन जिला मुख्यालय के साथ लगते सराह गांव में बहने वाली खड्ड पर खनन माफिया बेरोकटोक अपने काम को अंजाम दे रहा है।
हालत यह है कि लगातार खनन के चलते खड्ड करीब 15 फीट तक गहरी हो चुकी है। बावजूद इसके अवैध खनन जारी है। अवैध खनन के लिए सरेआम ट्रैक्टर रास्ते बनाए गए हैं। इस खड्ड में ट्रैक्टरों से खनन का कार्य जोरों पर है। नागनी के नाम से मशहूर यह खड्ड गगल में मांझी दरिया से मिलती है। इस खड्ड की हालत इतनी खराब है कि इसमें 15 फीट तक गहरी खाइयां बन गई हैं। इसके अलावा निचले चैतड़ू में खड्ड पर बने नए पुल के पास खड्ड में अवैध खनन को अंजाम देने के लिए पुल के दोनों तरफ रास्ते बनाए हुए हैं। हैरानी इस बात की है कि जिला प्रशासन और खनन विभाग आज दिन तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
आईपीएच के नाक तले हो रहा अवैध खनन
माता कुनाल पत्थरी से निकलने वाली यह खड्ड गगल के पास मांझी खड्ड में मिल जाती है। जहां पर यह खड्ड मांझी खड्ड में मिलती है, वहां पर आईपीएच का कार्यालय है, लेकिन आईपीएच विभाग भी शक्तियां होने के बावजूद खनन पर रोक नहीं लगा पाया है। यहां पर किसी जमाने में खड्ड से करीब चार फुट गहरी पाइप बिछाई गई थी, लेकिन अवैध खनन के चलते अब यह पाइप साफ नजर आती है।
किनारे बचाने को खर्च हो रहे लाखों रुपये
खड्ड पर अवैध खनन इतने जोरों पर है कि यहां पर खड्ड के किनारों को बचाने के लिए जिला प्रशासन को क्रेट लगाने पड़े हैं। इन क्रेटों को लगाने के लिए जिला प्रशासन लाखों रुपये खर्च कर चुका है। अगर अवैध खनन पर ध्यान दिया जाता तो प्रशासन को यहां पर क्रेट लगाने की जरूरत ही नहीं रहती।
-अवैध खनन को लेकर विभाग पूरी तरह से गंभीर है। रैत, शाहपुर और सराह क्षेत्र विभाग के नोटिस में हैं। जल्द ही इन क्षेत्रों की निगरानी करने के लिए इंस्पेक्टर तैनात किया जाएगा, ताकि अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके। - हरविंद्र सिंह, खनन अधिकारी, कांगड़ा