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ड्रग्स प्रभावितों के पुनर्वास को धर्मशाला में हुई मंत्रणा

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धर्मशाला। प्रदेश में ड्रग्स प्रभावितों के पुनर्वास के लिए नीति बनाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रभावी नीति निर्माण की पहली कड़ी के तहत धर्मशाला में सिद्धबाड़ी के क्षेत्रीय संसाधन प्रशिक्षण केंद्र-2 में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पुनर्वास नीति बनाने के लिए हितधारकों के सुझाव लेने पर जोर दिया गया। वहीं, कार्यशाला में चर्चा के दौरान नशे पर अंकुश लगाने के लिए कई सुझाव भी सामने आए।
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कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक हंस राज चौहान ने कहा कि राज्य में ड्रग्स प्रभावितों के पुनर्वास के लिए नीति निर्माण से पूर्व विस्तृत चर्चा जरूरी है। समाज के सभी वर्गों को इस मंथन में शामिल किया जाए। यह आयोजन प्रथम कड़ी है। प्रदेश के सभी संबंधित विभागों, वर्गों और पंचायती राज संस्थाओं को इसमें शामिल किया जाएगा। वहीं कुल्लू जिला की एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने अपने जिले में पिछले सात माह से चलाए जा रहे नशा उन्मूलन अभियान के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि महिलाएं भी इस नशे की गिरफ्त में फंस रही हैं। उन्होंने कहा कि भांग और लैंटना के स्थान पर अगर जंगली गेंदा लगाया जाए तो यह इन दोनों हानिकारक पौधों को समाप्त कर सकता है। वहीं जिला विधिक सेवा की सचिव नेहा दहिया ने सुझाव दिया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में चलाए जाने वाले भांग उन्मूलन अभियान को मनरेगा में शामिल करने की बात कही। कार्यशाला में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. आलोक अग्रवाल ने ड्रग्स सेवन और इसके कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक वीके मोद्गिल ने सभी संबंधित एनजीओ और पुनर्वास केंद्रों से आग्रह किया कि वे ड्रग एडिक्ट के इलाज में प्रशिक्षित चिकित्सकों की सहायता लें और उन्हीं के परामर्श से उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाएं। वहीं, कवि नवनीत शर्मा ने भी इस अवसर अपने विचार रखे। इस अवसर पर क्षेत्रीय अस्पताल, धर्मशाला की डॉ. अनिता, टांडा मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. मेजर सुखजोत, डीआरडीए के पीओ मुनीष शर्मा, डीएसपी सुरेंद्र शर्मा, चंबा से आए स्वयंसेवी तथा ग्राम प्रधान नरेश रावत, अमर ज्योति कला मंच बिलासपुर की संचालक अमरावती, विवेक, सहयोग संस्था ऊना के प्रेमी, नया सवेरा के दयानंद शर्मा और नया जीवन के विशाल ने अपने विचार और अनुभव साझा किए।
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