धर्मशाला। नाबालिग बच्चों के साथ अश्लील हरकतें और दुष्कर्म का प्रयास करने के दोषी को अदालत ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला प्रकाश चंद राणा की विशेष अदालत ने सुनाया है।
जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने बताया कि आरोपी कर्म चंद निवासी घुमारवीं बिलासपुर देहरा डिपो के तहत चालक पद पर तैनात था। कर्म चंद देहरा में अपने परिवार के साथ किराये में मकान में रहता था। उसका बेटा यहां बच्चों को ट्यूशन पढ़ता था। 11 सितंबर को उसका बेटा घर पर नहीं था तो सभी बच्चे घर वापस जा रहे थे। कर्म चंद ने दो बच्चों को बातों-बातों में अन्य बच्चों से अलग कर लिया और उनके साथ अश्लील हरकतें और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। साथ ही बच्चों को इस बात को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। वहीं कर्म चंद की हरकत का पता चलते ही परिजनों ने दोनों बच्चों से पूछा तो उन्होंने आपबीती सुनाई। देहरा पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कर्म चंद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच के बाद न्यायालय में पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी विशेष न्यायवादी रामदेव चौधरी ने की। प्रकाश चंद राणा की विशेष अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने दोषी कर्म चंद को 10 साल कठोर कारावास और 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।