जसूर (कांगड़ा)। जसूर-धमेटा रोड पर जमींदोज तीन मंजिला इमारत के मलबे में दबे दूसरे व्यक्ति को निकालने के लिए करीब नौ घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चला। आखिरकार रात करीब डेढ़ बजे दुकान के मलबे के नीचे दबे सुभाष चंद के शव को बाहर निकाला गया। स्थानीय कमनाला पंचायत के मठोली गांव का सुभाष चंद जसूर धमेटा रोड पर टी स्टाल चलाता था। शुक्रवार शाम को भवन में काम कर रहे मजदूरों को चाय देने के लिए गया था। इसी दौरान शाम करीब साढ़े चार बजे अचानक यह तीन मंजिला इमारत ताश के पतों की तरह ढह गई और सुभाष मलबे के नीचे दब गया। हालांकि, जब तक सुभाष के शव को मलबे से बाहर नहीं निकाला गया था, तब तक लोगों और सुभाष के परिजनों को आस थी कि शायद सुभाष मलबे के नीचे जीवित हो। लेकिन, रात करीब डेढ़ बजे मलबे के नीचे
उसका शव मिलने से घर वालों की आस टूट गई। मृतक अपने पीछे दो लड़के और पत्नी छोड़ गया है। इस हादसे में अन्य दो लोग घायल हुए हैं। लोगों के अनुसार अगर शुक्रवार की जगह किसी अन्य दिन यह हादसा हुआ होता तो जानमाल का अधिक नुकसान हो सकता था। क्योंकि, उस दिन दुकान में काम करने वाले लोग भी अंदर हो सकते थे। वहीं, चाय पीने के लिए निकले चार लोगों की जान भी चाय के कारण बच गई। जबकि, तीन लोगों को शुक्रवार शाम तक एनडीआरएफ की टीम ने निकाला था। हादसे में अकाल मौत का ग्रास बने चाय विक्रेता सुभाष चंद और मजदूर महेश निवासी छत्तीसगढ़ के शव को शनिवार नूरपुर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत परिजनों के हवाले कर दिया गया। डीएसपी नूरपुर मेघनाथ चौहान ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिवार वालों को सौंप दिए गए हैं। साथ ही दुकान मालिक और बिल्डिंग का काम करवा रहे ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।