हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम प्रबंधन ने कंडक्टर भर्ती की प्रक्रिया को बदल दिया है। पहली बार निगम प्रबंधन ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड से स्क्रीनिंग टेस्ट करवाने का फैसला लिया है।
निगम प्रबंधन की ओर से इसका प्रस्ताव बोर्ड प्रबंधन को भेज दिया है। इस पर मंजूरी आते ही पहली बार कंडक्टर भर्ती की प्रक्रिया बाहरी एजेंसी के माध्यम से होगी।
इससे पहले निगम प्रबंधन अपने स्तर पर ही टेस्ट करवाता था। इसमें कई बार उंगलियां भी उठती रही हैं। इसलिए प्रशासन बाहरी एजेंसी से परीक्षा करवा रहा है।
निगम ने पहले चरण में 500 कंडक्टरों की भर्ती करनी है। मार्च तक इनकी भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी है।
भर्ती प्रक्रिया से गुजरने के बाद प्रबंधन की ओर से पहले अनुबंध आधार पर तैनाती दी जानी है। पहली बार ही प्रबंधन की ओर से वेतन के साथ कमीशन का सिस्टम शुरू किया जा रहा है।
परिचालकों को चार हजार वेतन के साथ 0.5 फीसदी कमीशन दी जानी प्रस्तावित है। इससे पहले भी अनुबंध आधार पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन कमीशन के साथ और बोर्ड के माध्यम से भर्ती पहली बार की जानी है। पिछली बार इस भर्ती में 30 हजार से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया था। इस बार भी आवेदकों की संख्या हजारों में रहने की उम्मीद है।
राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डा. आरएन बत्ता ने माना कि तकनीकी शिक्षा बोर्ड को स्क्रीनिंग टेस्ट करवाने का प्रस्ताव भेजा है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को प्रबंधन ने नया प्रयोग किया है।