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Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष बोले- पंचायत चुनाव पर सरकार, मंत्री और अफसरों के बयानों में विरोधाभास

Fri, 21 Nov 2025 07:46 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, थुनाग (मंडी)।

सार

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार लगातार सरकारी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर भीड़ जुटा रही है, जबकि अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहे हैं। ऐसे में केवल पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी अलग-अलग राय क्यों दे रहे हैं। 
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सराज में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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सराज में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार, अधिकारी, मंत्री और मुख्यमंत्री अलग-अलग बातें कर रहे हैं। इससे स्थिति उलझती जा रही है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि राज्य चुनाव आयुक्त को राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपनी पड़ी, जो सरकार के अड़ियल रवैये का परिणाम है। यदि मंत्री कह रहे हैं कि चुनाव समय पर हो सकते हैं तो फिर अधिकारी किसके दबाव में देरी कर रहे हैं।

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जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सरकारी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर भीड़ जुटा रही है, जबकि अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहे हैं। ऐसे में केवल पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी अलग-अलग राय क्यों दे रहे हैं। उन्होंने पूछा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर यह ऊहापोह क्यों खड़ी की जा रही है। मंत्री दावा करते हैं कि 1600 से ज्यादा सड़कों की मरम्मत हो चुकी है और केवल 10-15 सड़कों का काम अधूरा है, जबकि मुख्यमंत्री कहते हैं कि नागरिकों को सभी सुविधाएं देना हमारी जिम्मेदारी है। जयराम ने सवाल उठाया कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू होने के बाद मुख्यमंत्री ने कितने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और 3615 पंचायतों में से कितनी पंचायतें अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जिनके आधार पर चुनाव टाले जा रहे हैं।
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पेंशन इंतजार कर रहे एचआरटीसी पेंशनर
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महीने की 21 तारीख भी बीत गई है, लेकिन एचआरटीसी के पेंशनरों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है। सरकार के खिलाफ वह आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन में सरकार ने धरना दो, वेतन-पेंशन लो की स्थिति पैदा कर दी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि एचआरटीसी पेंशनरों के मेडिकल बिलों का भुगतान दो साल से भी अधिक समय से नहीं हुआ, जो सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
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