किसी जगह पर लोगों के जवाब सबमिट नहीं हो रहे थे तो कहीं पर प्रश्नों के उत्तरों में ही गलत विकल्प आ रहे थे। कहीं पर मेन सर्वर से परीक्षा केंद्र लिंक नहीं हो पाए तो कहीं पर एक ही साथ शुरू हुई परीक्षा में प्रश्नों की संख्या में, तो कहीं पर परीक्षा के समयावधि में भारी अंतर देखने को मिल रहा था। पहली पारी में परीक्षा देने आए लोगों को दूसरी पारी में भी परीक्षा देने के लिए बैठाया गया। पूरी परीक्षा में अराजकता की स्थिति बनी रही। जब यह बात पूरी तरीके से बाहर आ गई और परीक्षार्थियों द्वारा भारी पैमाने पर विरोध हुआ तो आनन-फानन में प्रशासन द्वारा यह परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। यह सरकार की नाकामी और खराब प्रबंधन का एक जीता जागता उदाहरण है। बिना ट्रायल रन किए ही परीक्षा का आयोजन करवाया गया या फिर विभिन्न मानकों की अनदेखी की गई। यह कोई पहली बार नहीं है जब सरकार द्वारा आयोजित की गई परीक्षा पर प्रश्न चिन्ह उठ रहा हो।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की नाकामी की वजह से ही 4000 से ज्यादा लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बहुत सारे छोटे बच्चे भी जो अपने मां के साथ मजबूरन आए थे उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था बैठाने वाली सरकार यदि 4 हजार लोगों के डिपार्मेंटल प्रमोशन एक्जाम नहीं करवा सकती है तो 1 लाख सरकारी नौकरियों का वादा कैसे पूरा करेगी? यह सरकार कैसे बड़े पैमाने पर भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करवाएगी? कैसे प्रदेश के युवाओं को रोजगार देगी? राजनीतिक विद्वेष और युवाओं को रोजगार से वंचित रखने के लिए ही इस प्रकार से कर्मचारी चयन आयोग को पूरी तरीके से भंग कर दिया था।
एक लाख सरकारी नौकरियों की गारंटी देकर हिमाचल में जनादेश चुराने वाली कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री यह जानते हैं जब प्रतियोगी परीक्षाएं करवाने वाली संस्थाएं ही नहीं रहेगी तो लोगों को रोजगार भी नहीं देना पड़ेगा। सरकार की कार्यप्रणाली से यह साफ है कि इस सरकार का इरादा प्रदेश के लोगों से उनकी नौकरियां उनका प्रमोशन छीनना है देना नहीं।
'मन की बात' के जरिए देश की प्रतिभाओं को मिला मंच
जयराम ठाकुर ने शिमला स्थित अपने आधिकारिक निवास में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देश की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का सबसे बड़ा साधन है। त्यौहारों के इस अवसर पर प्रधानमंत्री देश भर में स्वदेशी वस्तुओं की अभूतपूर्व खरीदारी के लिए सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई दी और इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही प्रधानमंत्री ने आगामी 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली रन फॉर यूनिटी में समाज के हर वर्ग से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' इस संकल्प को और सशक्त बनाएं, और एकजुटता, देशभक्ति व समर्पण की भावना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।