जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का यह कदम बहुत दुर्भावनापूर्ण है। चूड़धार की यात्रा करने वाले श्रद्धालु भगवान शिरगुल महाराज के दर्शन करने लिए वहां जाते हैं। शिरगुल महाराज के प्रति हिमाचल समेत देश भर के श्रद्धालुओं में बड़ी आस्था है। शिरगुल महाराज शिमला, सोलन, सिरमौर के साथ-साथ उत्तराखंड के जौनसार बावर के लोगों के इष्ट देव हैं। इन क्षेत्रों के लोगों का तो वहां अक्सर आना-जाना रहता है। सभी का एक सांस्कृतिक जुड़ाव भी है। लोग अपनी पहली फसल का उत्पाद यहां चढ़ाने आते हैं। दूध घी भी चढ़ाने आते हैं। इन क्षेत्रों के लोग पूरे परिवार के साथ चूड़धार की यात्रा करते हैं। लोग वहां मन्नत मांगने के लिए वहां जाते हैं। मन्नत पूरी हो जाने बाद चढ़ावा चढ़ाने और पूजा करने जाते हैं। बीमार लोग चूड़धार की बावड़ी में स्नान करने के लिए जाते हैं। ठीक हो जाने के बाद फिर से दर्शन के लिए जाते हैं। श्रद्धालुओं का शिरगुल महाराज से अलग ही तरह का जुड़ाव है। ऐसे में सरकार द्वारा श्रद्धालुओं से चूड़धार की यात्रा पर शुल्क लेना शर्मनाक है।