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Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले- तीन छात्रों का अपहरण पुलिसिंग और कानून व्यवस्था पर सवाल

Mon, 11 Aug 2025 09:05 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि रक्षाबंधन पर त्योहार के दिन शहर के बीचोंबीच एक नामी स्कूल से तीन बच्चों का अपहरण हो जाता है। त्योहार के दिन तीन-तीन छात्रों का अपहरण कैसे हुआ? पुलिस कहां थी? त्योहारों की वजह से प्रदेश की पुलिस को और भी चौकसी बरतनी चाहिए थी।
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था किस तरीके से खराब है, आए दिन इसकी कोई ना कोई नजीर सामने आती है। रक्षाबंधन पर त्योहार के दिन शहर के बीचोंबीच एक नामी स्कूल से तीन बच्चों का अपहरण हो जाता है। अपहरणकर्ता उन्हें शहर के हर प्रमुख चौराहे से होकर लगभग 50 किलोमीटर दूर तक ले जाने में कामयाब होता है। यह राजधानी की पुलिसिंग पर बहुत गंभीर सवाल है।
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सोमवार को जारी प्रेस बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। इसके पहले भी पिछले महीने ऊना में हुए जघन्य हत्याकांड में इंटरनेशनल माफियाओं की एंट्री और सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी का मामला सामने आया। उस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था के जर्जर होने और माफियाओं के गैंग के सक्रिय होने की सारी कहानी कह दी लेकिन प्रदेश की राजधानी में तीन बच्चों के एक साथ हुए अपहरण ने प्रदेश में लोगों की नींद हराम कर दी है।
 
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि सभी अपहृत छात्र सकुशल बरामद हो गए। उनकी खोजबीन में जुटे पुलिस कर्मियों की मेहनत और आम लोगों का सहयोग रंग लाया। फिर भी सवाल वहीं है कि त्योहार के दिन तीन-तीन छात्रों का अपहरण कैसे हुआ? पुलिस कहां थी? त्योहारों की वजह से प्रदेश की पुलिस को और भी चौकसी बरतनी चाहिए थी। एक व्यक्ति शहर में हथियार लेकर घूम रहा था। आगे जाकर वही व्यक्ति तीन-तीन छात्रों को किडनैप करता है और शहर के सभी प्रमुख पुलिस चेक पोस्ट से होकर गुजरता है। लेकिन सभी जगह बिना किसी रूकावट के आगे बढ़ जाता है।

इस दौरान वह कम से कम 10 पुलिस चेक पोस्ट से गुजर कर अपने मकसद में कामयाब होता है। इस तरीके की घटना शहर की पुलिसिंग पर बहुत गंभीर सवाल खड़े करती है। लोग डरे हैं। अपने बच्चों को स्कूल छोड़ते वक्त उनके मन में सैकड़ों सवाल उठ रहे हैं। स्कूल जा रहे अभिभावकों की विश्वास बहाली और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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