कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बात जब वंदे मातरम गीत को ज्यादा से ज्यादा जगह राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों और उत्सवों में गाने का नियम बना तो इस पर कुछ पार्टियों ने एतराज जताया। कांग्रेस सरकार जिन भी राज्यों में थी, वहां पर इसका विरोध किया गया। देश की आजादी की लड़ाई में जीत और जोश का उद्गार बनने वाला इस गीत का विरोध करना तो दूर विरोध करने की बात सोचना भी किसी अपराध से कम नहीं है। वंदे मातरम के विरोध को स्वर देने वालों में कांग्रेस भी शामिल थी। 2019 में जब कुछ समय के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो सचिवालय में वंदे मातरम गाने पर रोक ही लगा दी गई थी। अन्य प्रदेशों में भी किसी न किसी तरह वंदे मातरम का विरोध कांग्रेस और उसके सहयोगी करते रहते हैं। जबकि संविधान के अनुच्छेद 51 (ए) में संविधान का पालन, राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान का आदर व राष्ट्रीय आंदोलन के प्रेरक उच्च आदर्शों का पालन मूल कर्तव्य हैं।