उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष की कमान वरिष्ठ, अनुभवी और संगठन से निकले हुए नेता को सौंपी जानी चाहिए। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का आठ महीने से संगठन नहीं है। दिल्ली में हुए बैठक में हाईकमान ने पार्टी नेताओं से राय ली है। सीएम, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, और कांग्रेस नेताओं ने अपनी अपनी बात रखी। इसमें चर्चा हुई है कि कांग्रेस पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष नया बनाया जाएं या फिर पुराने को ही रखा जाए। इसको लेकर सब ने अपनी राय रखी। अब फैसला हाईकमान को करना है।
चौहान ने कहा कि राज्य में हिमाचल कांग्रेस का संगठन न होने से प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसे में सभी नेता इस प्रकिया को पूरा करने के लिए एकमत हैं। हिमाचल प्रदेश में शहरी और पंचायती राज चुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी का गठन जरूरी है। दिल्ली में हुए हाईकमान के साथ बैठक में सभी नेताओं ने अध्यक्ष की नियुक्ति करने का आग्रह किया गया है। इसमें कांग्रेस संगठन के ढांचे और आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा कि हाईकमान भी संगठन की मजबूती को लेकर गंभीर है। ऐसे में जल्द ही बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा है कि सरकार और संगठन को मिलकर काम करना होगा। जनता से किए गए वादों को प्राथमिकता से पूरा करने होंगे। उन्होंने बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी मजबूती से लड़ सके। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने बैठक में व्यक्तिगत तौर पर भी बात की। वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर आपसी सहमति से निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।