हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी और सरकारी डिग्री कॉलेजों में स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं वीरवार से शुरू हो रही हैं। इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन एडमिट कार्ड जनरेट हो चुके हैं। वहां से छात्र-छात्राएं इसे डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षाओं में प्रदेश के 70 हजार से अधिक विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके लिए 152 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये परीक्षाएं मई माह के पहले सप्ताह तक होंगी।
परीक्षा में नकल को रोकने के लिए भी विवि के स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए हैं। इसके लिए 20 टीमें गठित की गई हैं, जो प्रदेश भर में बनाए परीक्षा केंद्रों में औचक निरीक्षण करेंगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि स्नातक डिग्री कोर्स बीए, बीएससी, बी कॉम, शास्त्री, ओटीएमआईएल की इन परीक्षाओं के सभी तरह के इंतजाम पूरे कर दिए हैं। सुबह 9 से 12 और दोपहर बाद 2 से 5 बजे तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
सुबह और शाम के सत्र की ऑनलाइन हाजिरी की रिपोर्ट विवि को उसी दिन भेजनी अनिवार्य की गई है। परीक्षा के शुरू होने से पूर्व कॉलेजों से ऑनलाइन इंटरनल असेस्मेंट की अवार्ड एंट्री और उसकी प्राचार्य की ई मेल आईडी से ऑनलाइन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। छात्र एडमिट कार्ड लॉग इन आईडी से डाउनलोड कर परीक्षा केंद्र में साथ लाएं। इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हर परीक्षा की ऑनलाइन हाजिरी लगेगी। इसके लिए परीक्षा केंद्रों के वरिष्ठ अधीक्षकों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि कॉलेजों से वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा के एडमिट कार्ड डाउनलोड न होने को लेकर कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। पुलिस भर्ती के कारण परीक्षा क्लेश हो रही हो, ऐसी भी कोई शिकायत नहीं मिली है।
किस कोर्स में कितने विद्यार्थी
स्नातक डिग्री कोर्स की शुरू हो रही इन परीक्षाओं में बीए प्रथम वर्ष में 16068, द्वितीय वर्ष में 15067 तृतीय वर्ष में 9948 विद्यार्थी हैं। बीएससी प्रथम वर्ष में 4724, द्वितीय वर्ष में 2890, तृतीय वर्ष में 2356, बी कॉम प्रथम वर्ष में 3759, द्वितीय वर्ष में 3335 और तृतीय वर्ष में 2359 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इसके अलावा शास्त्री और ओटीएमआईएल के विद्यार्थी भी परीक्षाएं देंगे।
समस्याओं के निपटारे को नंबर जारी
एचपीयू की परीक्षा विंग ने परीक्षा केंद्रों में किसी तरह की समस्या का समय पर समाधान करने के लिए एआर सिक्रेसी और एआर कंडक्ट के फोन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर स्टाफ बिठा कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।