मंगलवार को राज्य लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की संयुक्त परीक्षा का परिणाम घोषित किया। इसमें कोई मजूदर का बेटा अफसर बना तो कोई किसान की बेटी अधिकारी बनी। किसी ने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की।
एचएएस की परीक्षा के परिणाम में जिला सिरमौर के गिरिपार के पझौता क्षेत्र की बेटी मेघा सिंह कंवर टॉपर बनी हैं। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हाटी समाज की होनहार बेटी मेघा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया है। मेघा खनियुड गांव के नरेंद्र कंवर व अनिता कंवर की पुत्री हैं। मेघा की प्राथमिक शिक्षा शाया सनौरा में हुई। जमा दो नवोदय विद्यालय नाहन और स्नातक नौणी विश्वविद्यालय से की है। मेघा ने सिद्ध कर दिया कि सच्ची लगन और निरंतर प्रयास से लक्ष्य असंभव नहीं है। मेघा ने कहा कि समाज सेवा और अपने काम के प्रति समर्पित भावना से काम करना उनका लक्ष्य रहेगा।
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नेरवा। नेरवा तहसील की गढ़ा पंचायत के घुंनटाड़ी गांव की आंचल घुंटा एचएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर डीएसपी बन गईं हैं। आंचल ने शहीद श्याम सिंह उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक बारहवीं की पढ़ाई की। इसके बाद यशवंत सिंह परमार हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री प्राप्त की। डिग्री प्राप्त करने के बाद आंचल ने घर में रहकर ही पढ़ाई कर कुछ माह पूर्व ही अलाइड सर्विसेज की परीक्षा पास की थी। वर्तमान समय में वह कंडाघाट में बतौर आबकारी निरीक्षक सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आंचल के पिता रण सिंह घुंटा बागवान हैं और माता पुष्पा घुंटा गृहिणी हैं। आंचल ने बताया कि कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की। ृ
सुंदरनगर (मंडी)। पंचायत रोहांडा के गांव मझार निवासी फौज से सेवानिवृत्त हवलदार अनंत राम के बेटे मनोज ने एचएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मनोज ने लगातार पांच प्रयासों के बाद यह सफलता हासिल की है। एचएएस में चयन के बाद वह खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर नियुक्त होंगे। मनोज की माता शकुंतला गृहिणी हैं। मनोज की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक स्कूल ओखल से हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहांडा से दसवीं और महावीर स्कूल सुंदरनगर से 12वीं पास उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने शिमला स्थित यूआईआईटी से बीटेक और एचपीयू से मार्केटिंग एंड फाइनेंस में एमबीए किया। मनोज ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुओं को दिया है।
धर्मशाला। कांगड़ा जिले के बैजनाथ उपमंडल के गांव मंढेर के अभिषेक कपूर (22) का हिमाचल पुलिस सेवा (एचपीएस) अधिकारी के रूप में चयन हुआ है। मजदूर के बेटे ने अभिषेक ने पहले ही प्रयास में बड़ी सफलता की है, जो उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का पल है। अभिषेक ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर इस अहम परीक्षा को पास किया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बीड़, बैजनाथ से प्राप्त की, जबकि स्नातक की डिग्री उन्होंने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) धर्मशाला से वर्ष 2023 में पूरी की। अभिषेक के पिता तिलक राज मजदूरी करते हैं, जबकि माता गिलमो देवी गृहिणी हैं। अभिषेक ने बताया कि स्वामी रामानंद ट्रस्ट और राजेश शर्मा ने आज इस मुकाम तक पहुंचने में न केवल उनको प्रोत्साहित किया, बल्कि वित्तीय मदद भी की, जिसके लिए वह उनके आभारी रहेंगे।
गोहर (मंडी)। चच्योट तहसील के बाढू निवासी नितेश कुमार पुत्र खीमा राम ने कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयासों के बल पर असिस्टेंट कमिश्नर (एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर) के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नितेश ने बिना किसी कोचिंग यह मुकाम चौथे प्रयास में हासिल किया। उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से एमटेक की डिग्री पूरी की है। नितेश का पहले प्रयास में चयन साक्षात्कार तक हुआ, दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, तीसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा पास की और चौथे प्रयास में पूरी तरह सफलता हासिल की। नितेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी पाठशाला से प्राप्त की। उन्होंने तीन साल घर पर रहकर स्वयं अध्ययन किया। उनके पिता खीमा राम दुकानदार हैं। माता बंती देवी गृहिणी हैं, जबकि उनके ताया फतेह सिंह शिक्षक हैं, जिनका मार्गदर्शन भी उन्हें समय-समय पर मिलता रहा। अपनी सफलता पर नितेश ने अन्य अभ्यर्थियों को संदेश देते हुए कहा कि तैयारी के दौरान उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन कभी हार नहीं माननी चाहिए। हर असफलता एक उज्ज्वल भविष्य की ओर जाने का रास्ता होती है।