येलो-ब्रेस्टेड बंटिंग व स्टेपी ग्रे श्राइक
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कांगड़ा जिले की पौंग झील में यूरोप और उत्तरी एशिया में पाई जाने वालीं दो दुर्लभ प्रजाति की चिड़ियां दिखी हैं। इन दुर्लभ प्रजातियों में येलो ब्रेस्टेड बंटिंग और स्टेपी ग्रे श्राइक शामिल हैं। पहली बार दुर्लभ पक्षी मिलने से वन्यजीव प्रेमी उत्साहित हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल भूपेश गोयल, कांगड़ा के प्रसिद्ध बर्डर डॉ. अभिनव चौधरी और स्थानीय विशेषज्ञ पीयूष डोगरा की टीम पौंग झील में पहुंचे हजारों पक्षियों का सर्वे कर रही थी। इसी बीच उन्हें पौंग झील में दो दुर्लभ पक्षी येलो-ब्रेस्टेड बंटिंग (एम्बेरिज़ा ऑरिओला) और स्टेपी ग्रे श्राइक (लैनियस एक्सक्यूबिटर पैलिडिरोस्ट्रिस) दिखे हैं। उन्होंने इन दुर्लभ पक्षियों को 21 दिसंबर को देखा था। सुबह के सर्वे के दौरान टीम ने झील के आसपास झाड़ियों में जमीन पर खाना खाते हुए एक येलो-ब्रेस्टेड बंटिंग को देखा।
इस प्रजाति को बड़े पैमाने पर शिकार और आवास के नुकसान के कारण तेजी से घटती आबादी के कारण लुप्तप्राय पक्षियों में गिना जाता है। ये पक्षी यूरोप और पूर्वोत्तर एशिया में पाए जाते हैं, लेकिन अब इनकी वैश्विक आबादी में अनुमानित 80-90 प्रतिशत की गिरावट आई है। भारत में येलो-ब्रेस्टेड बंटिंग एक दुर्लभ सर्दियों का मेहमान है, जो मुख्य रूप से मध्य नेपाल से असम घाटी और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों तक हिमालय की तलहटी तक ही सीमित है। इस दुर्लभ प्रजाति को वर्ष 2023 में कुल्लू के दि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क और जिला लाहुल-स्पीति के सिस्सू में देखा गया था।