बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ईडब्ल्यूएस, ओबीसी और पूर्व सैनिकों के आश्रित वर्ग के अभ्यर्थियों को सक्षम अधिकारी की ओर से जारी निर्धारित प्रारूप का प्रमाणपत्र या शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर पात्रता प्रभावित हो सकती है। काउंसलिंग में सीट आवंटन को लेकर बोर्ड ने कड़े नियम तय किए हैं। अभ्यर्थी को उपलब्ध सीटों में से अपनी पसंद का संस्थान चुनने का अवसर केवल एक बार ही दिया जाएगा। ऐसे में बोर्ड ने अभ्यर्थियों को काउंसलिंग स्थल पर पहुंचने से पूर्व ही उपलब्ध सीटों और पसंदीदा संस्थानों की जानकारी जुटाने की सलाह दी है।