खंडपीठ ने कहा कि अगर फोरलेन की स्थिति बेहतर हो जाती है तो एनएचएआई को 12 नवंबर से सनावर प्लाजा पर टोल लेने की अनुमति दे दी जाएगी और पिछले आदेश को वापस लिया जाएगा। अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि एनएचएआई का फोरलेन परियोजना के पूर्ण होने का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। कई हिस्सों खासकर कंडाघाट, चक्की मोड़ के पास सड़क की स्थिति दयनीय है। कोर्ट ने सड़क किनारे ड्रेनेज की सफाई करने को भी कहा है। एनएचएआई ने 30 अक्तूबर को फोरलेन की स्थिति की रिपोर्ट तस्वीरों के साथ दाखिल की थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि कोर्ट के 18 सितंबर के आदेश पर सनवारा टोल प्लाजा बंद होने से 20 सितंबर से 31 अक्तूबर तक 4.53 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है। एनएचएआई ने यह स्वीकार किया कि 39.139 किलोमीटर परवाणू-सोलन तक के हिस्से का काम 21 अप्रैल 2021 तक पूरा होना था। 18 सितंबर के बाद छह स्थानों पर मरम्मत कार्य किया गया है। मलबे को हटा दिया गया है और सड़क यातायात योग्य है। छह स्थानों पर स्थानीय निवासियों की रुकावटों के कारण काम बाधित है, जिसके लिए जिला प्रशासन की मदद ली जाएगी।
एनएचएआई ने अदालत को बताया कि परवाणू-सोलन स्ट्रेच पर ढलान सुरक्षा का काम 16 मार्च, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अदालत ने राज्य सरकार और सोलन नगर निगम को आदेश दिया कि काम में एनएचएआई को सहयोग दें और पुलिस बल प्रदान करें। अदालत ने राज्य सरकार को बालूगंज यू-टर्न पर सुधार कार्य पूरा करने का भी निर्देश दिया।