हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 3,294 प्राथमिक शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए 18 दिसंबर, 2014 से नियमित करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने विभिन्न शिक्षकों की याचिकाओं को स्वीकारते हुए नियमित करने के आदेश दिए।
याचियों के अनुसार शुरू में वे ग्रामीण विद्या उपासक, पैरा टीचर्स और पीटीए अध्यापकों की तरह प्राइमरी असिस्टेंट टीचर्स स्कीम 2003 के तहत लगे थे। वर्ष 2014-2015 में सरकार ने विद्या उपासक, पैरा टीचर्स और पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लाया और 1 अप्रैल 2018 से नियमित भी कर दिया, लेकिन याचियों को छोड़ दिया गया। इसके बाद सरकार ने 5 अगस्त 2020 को उन्हें जारी आदेशानुसार 20 अगस्त, 2020 से नियमित किया, जबकि पैरा टीचर्स को 18 दिसंबर, 2014 से नियमित किया गया। याचियों का कहना था कि वे पैरा टीचर्स की ही तरह पिछली तारीख से नियमितिकरण का हक रखते हैं।
उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्हें पिछली तारीख से नियमितिकरण का लाभ देने की गुहार लगाई थी। सरकार का कहना था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेशों के कारण नियमितीकरण का लाभ नहीं दिया जा सका। सुप्रीम कोर्ट से फैसला पीटीए शिक्षकों के हक में आने के बाद उन्हें भी 20 अगस्त, 2020 से नियमित कर दिया गया। कोर्ट ने सरकार के इस रवैए को मनमाना व भेदभावपूर्ण मानते हुए याची शिक्षकों को 18 दिसंबर 2014 से सभी सेवा लाभों सहित नियमितीकरण का लाभ देने के आदेश पारित किए।