जब सरकार की नीति का बिंदु आया तो खंडपीठ ने इसे प्रथम दृष्टया सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना पाया। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने सूरजमणि केस में ये स्पष्ट किया था कि अदालत का फैसला समान नियमितीकरण से जुड़े समान तथ्यों पर आधारित मामलों में लागू होगा लेकिन, राज्य सरकार इस निर्णय के बाद डेली वेजर्स के रूप में कार्मिकों को नियोजित करने का सहारा नहीं लेगी, बल्कि सारी नियुक्तियां कानून के अनुसार करेगी। जबकि राज्य सरकार ने हर साल की तरह डेली वेजर्स के लिए 8 अप्रैल 2025 को नई नियमितीकरण नीति जारी कर दी।
मंडी-हमीरपुर राजमार्ग पर अतिक्रमण पर रिपोर्ट तलब
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य राजमार्ग मंडी से हमीरपुर वाया रिवाल्सर, सकोडी चौक से जेल रोड तक लोगों की ओर से किए गए अतिक्रमण पर राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलाब की है। अदालत ने प्रदेश सरकार सहित नगर निगम मंडी को भी नोटिस जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। न्यायालय को बताया गया कि अतिक्रमण के कारण मंडी शहर में गंभीर यातायात जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट में विपिन कुमार गुलेरिया ने जनहित याचिका दायर की है।