प्रदेश सरकार ने एचपी बोर्ड के 100 स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड की संबद्धता के लिए आवेदन किया है। इनमें से कई स्कूलों को संबद्धता मिल चुकी है, जबकि कई स्कूलों की संबद्धता का प्रोसेस चल रहा है। प्रदेश सरकार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन स्कूलों में संबंधित 100 स्कूलों में सीबीएसई की पढ़ाई शुरू करवाएगी।
वहीं, जानकारों की मानें तो सीबीएसई बोर्ड की मान्यता कक्षा 9 से शुरू होकर कक्षा 12 तक मिलती है, जो छात्रों को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए पंजीकृत करती है। हालांकि, हाल के नियमों के अनुसार अब सीबीएसई पैटर्न वाले स्कूलों को कक्षा 6 से 8 के लिए भी मान्यता लेना आवश्यक है। छात्रों का पंजीकरण कक्षा 9 में ही हो जाता है, जिससे वे 10वीं की बोर्ड परीक्षा दे सकते हैं। इसी तरह 12वीं की परीक्षा के लिए छात्रों का पंजीकरण कक्षा 11 में किया जाता है। वहीं सीबीएसई मुख्य रूप से कक्षा एक और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम प्रदान करता है। ऐसे में सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता प्राप्त इन स्कूलों में नॉन बोर्ड परीक्षाओं के सही संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने एचपी शिक्षा बोर्ड को प्रश्नपत्र मुहैया करवाने के लिए कहा है।
प्रदेश सरकार ने एचपी बोर्ड से सीबीएसई बोर्ड की संबद्धता प्राप्त करने वाले स्कूलों को भी नॉन बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र देने को कहा है। अगले शैक्षणिक सत्र में जब भी संबंधित संबद्धता प्राप्त 100 स्कूलों में नॉन बोर्ड की परीक्षाएं होंगी, तो उनमें तीसरी, 5वीं, 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र एचपी बोर्ड देगा। - डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड।