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Himachal Assembly Session 2025 : आरक्षित वर्गों की जनसंख्या के आंकड़े न होने से रोके स्थानीय निकाय चुनाव

Mon, 25 Aug 2025 06:28 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

सोमवार को विधानसभा में श्री नैनादेवी जी से विधायक रणधीर शर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आरक्षित वर्गों की जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध न होने के चलते शहरी निकाय चुनाव को अस्थायी रूप से रोका है। 
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा/शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने आरक्षित वर्गों की जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध न होने के चलते शहरी निकाय चुनाव को अस्थायी रूप से रोका है। चुनावों में आरक्षण व्यवस्था न्यायसंगत तरीके से लागू करने के लिए यह फैसला लिया गया है। सोमवार को विधानसभा में श्री नैनादेवी जी से विधायक रणधीर शर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी दी। आधिकारिक और ताजा डाटा के आधा पर सीटों का वितरण करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

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सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आयोग गठित करने का निर्णय लिया है। आयोग पिछड़ा वर्ग की वास्तविक जनसंख्या पर रिपोर्ट देगा। जब तक आयोग की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक के लिए चुनाव प्रक्रिया स्थगित की गई है। राज्य चुनाव आयोग ने 24 मई 2025 को शहर के सभी शहरी निकायों (शिमला नगर निगम को छोड़कर) वार्डों के परिसीमन और आरक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया था। प्रदेश के 70 शहरी निकायों के वार्डों का निर्धारण कर दिया गया है।

नमामि गंगे परियोजना में भेजी 5 डीपीआर, एक को भी मंजूरी नहीं
नमामि गंगे परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश ने 5 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी थी, लेकिन कोई भी स्वीकृत नहीं हुई। नाहन से विधायक अजय सोलंकी के प्रश्न के लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 4 योजनाएं पाइपलाइन में हैं। योजना के तहत दो डीपीआर 30 अक्तूबर 2024 को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को इस स्पष्टीकरण के साथ दोबारा भेजी गई है कि लागत का बड़ा हिस्सा सीवर नेटवर्क में शामिल है और प्रदेश के पास इसके लिए पर्याप्त धनराशि नहीं है। सरकार ने केंद्र से एसटीपी के साथ नेटवर्क दोनों के वित्तपोषण की मांग की है।

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