नगरोटा बगवां के कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह बाली
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नगरोटा बगवां के कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह बाली ने सदन में उनके सरकारी आवास का 6,78,000 रुपये का बिजली बिल आने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधानसभा सदस्य सुधीर शर्मा ने प्रश्न लगाया था, जिस पर यह जानकारी दी गई। यह गलत जानकारी साझा की गई। उन्हें अवगत करवाया जाए कि इस संबंध में अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। वह तो इस संबंध विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई करने का भी विचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 14 महीने की अवधि का गलत बिल दर्शाया गया। यह सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया, जिससे उन्हें ठेस पहुंची।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बीते दिन रघुबीर बाली मेरे पास आए और बिल दिखाया। पिछले कई वर्षों का एरियर जोड़कर संशोधित बिल दिए जा रहे हैं। एक लाख 68 हजार रुपये के स्थान पर 6,78,000 रुपये का बिल दिखाया गया। बाली का बिल गलती से ज्यादा दिखाया गया है। ओकओवर शिमला में भी 2024 से लेकर 2025 तक 3,76,000 रुपये का बिल दिखाया गया, जबकि वास्तविक 1,43,000 दिखाया गया। बिल का भुगतान लोक निर्माण विभाग को करना था। सब्सिडी छोड़ी तो उसे जोड़कर यह बिल दिखाया गया। अगर किसी ने गलती की होगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी कहा कि अगर सूचना उस अवधि की नहीं है, जिस समय की मांगी गई है तो ऐसे में जवाब सही दिया जाए। जिन अधिकारियों ने गलत सूचना दी है, उनके खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई होनी चाहिए और सदन को भी सूचित किया जाना चाहिए।
किहार में एक हफ्ते में भेजा जाएगा डॉक्टर : शांडिल
डलहौजी के भाजपा विधायक डीएस ठाकुर ने मामला उठाया कि किहार में कम से कम चार चिकित्सक दिए जाएं। यह दूरदराज का क्षेत्र है। इसके अलावा अन्य जगह पर भी डॉक्टरों की बड़ी कमी है। उन्होंने कहा कि प्रधान भूख हड़ताल पर बैठे हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि किहार, सलूणी आदि में यह समस्या इसलिए ज्यादा व्यापक है कि वहां चिकित्सक नहीं जा रहे हैं। एक हफ्ते के अंदर डॉक्टर भेजा जाएगा।
मक्की की 30 फीसदी फसल खराब, वैज्ञानिक ढूंढ रहे हल : चंद्र कुमार
शाहपुर के कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने शून्यकाल में मामला उठाते हुए कहा कि मक्की और धान की फसल पीलेपन से नष्ट हो रही है। उन्होंने कहा कि धान और मक्की की फसल का जो नुकसान हुआ है, उसके आकलन के लिए क्या कोई टीम वहां जाएगी। किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है तो उसके बारे में भी सदन को अवगत करवाया जाए। इस पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि मक्की की फसल पर खतरनाक कीट ने हमला बोला है, जिसे फॉल आर्मीवर्म कहते हैं। मक्की की 30 फीसदी फसल खराब हुई है। इसके लिए दवा का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत मैनुअल के अनुसार इसमें बातचीत कर रहे हैं। विभाग के वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। वैज्ञानिक पता लगा रहे हैं कि इस कीट पर कैसे नियंत्रण हो। इसके लिए उपाय निकाले जा रहे हैं।