महासंघ के अध्यक्ष प्रीतम पाल ठाकुर के अनुसार बैठक में प्रबंधन ने कर्मचारियों के लंबित मामलों के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया। बैठक में निगम की ओर से प्रबंध निदेशक संजय सूद, कार्यकारी निदेशक मीरा शर्मा और प्रबंधक (प्रशासन) संतोष शर्मा मौजूद रहीं। महासंघ की ओर से अध्यक्ष बाबू राम चौधरी, महासचिव विक्रांत कदशोली, संगठन सचिव अर्जुन बख्यान, कोषाध्यक्ष विकास शर्मा, आरएंडटी बिलासपुर के सचिव श्याम लाल शर्मा और शिमला आधारित यूनियन से जगदीश वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
महासंघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियमितीकरण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए इसे जल्द पूरा करने की मांग रखी। प्रबंधन ने संबंधित स्क्रीनिंग समितियों की रिपोर्ट शीघ्र मंगवाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। ईपीएफ वेतन सीमा बढ़ाने के मामले में बताया गया कि निगम के निदेशक मंडल के निर्णय के बाद प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। महासंघ ने इस पर आगामी कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। महासंघ ने प्रबंधन से बैठक में दिए गए आश्वासनों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। चेयरमैन प्रीतम पाल ठाकुर ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण फिलहाल महासंघ का मुख्य मुद्दा है और आदेश जारी होने तक इस मांग को प्रमुखता से उठाया जाता रहेगा।
दो शिफ्ट में चल रही फैक्ट्रियों को तीन शिफ्ट में चलाने की तैयारी
इस बैठक में बिरोजा और तारपीन कारखानों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठा। स्टाफ की कमी दूर कर वर्तमान में दो शिफ्ट में चल रही आरएंडटी फैक्ट्रियों को तीन शिफ्ट में संचालित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। फील्ड स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण देने और टिंबर मैनुअल से संबंधित विषय पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य कार्यप्रणाली में एकरूपता और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना है।