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दुनिया का सबसे महंगा आम: हिमाचल प्रदेश के डाडूवाला गांव में किसान ने उगाई ये किस्म, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

Fri, 18 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)।

सार

Miyazaki Mango : हिमाचल प्रदेश में एक किसान ने आम की दुनिया की सबसे महंगी किस्म मियाजाकी को उगाया है। इस आम में एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड जैसे गुण होते हैं। कीमत जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान... पढ़ें पूरी खबर
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सिरमौर के डाडूवाला गांव में पकने के बाद मियाजाकी आम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की विक्रमबाग पंचायत के डाडूवाला गांव में एक किसान ने आम की दुनिया की सबसे महंगी किस्म उगाने में सफलता पाई है। किसान नवीन कुमार ने अपने बगीचे में मियाजाकी नस्ल का आम उगाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 2,70,000 रुपये से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक है।

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दो साल में ही दे दिए फल
जानकारी के अनुसार नवीन कुमार ने दो साल पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नर्सरी से मियाजाकी नस्ल के आम के पौधों को कूरियर के माध्यम से मंगवाया था। पौधे आने के बाद इसे बगीचे में लगाया। दो साल में ही इन पौधों ने फल दे दिए हैं। नवीन कुमार ने विदेशी नस्ल के इस महंगे मियाजाकी आम के अलावा अकेरिकन रेड पामर, रेड आइवरी आम, रेड बनाना आम, येलो बनाना आम, चकापात आम, नामडोकमाई आम भी सफलतापूर्वक उगाए हैं। अब उनका मकसद इन आम के बगीचे तैयार करने का है।

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जापान के मियाजाकी शहर में उगाया जाता है यह आम
यह जापान के मियाजाकी शहर में उगाया जाने वाला एक खास किस्म का आम है। यह अपनी अनोखी लाल-बैंगनी रंगत और उच्च गुणवत्ता के कारण विशेष है। यह इरविन आम की एक किस्म है, जिसे 1940 के दशक में फ्लोरिडा में उगाया गया था। मियाजाकी में इसे पहली बार 1980 में उगाया गया, शहर के नाम पर ही इसका यह नाम पड़ा। इस आम में एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड जैसे गुण होते हैं। इस आम को उगने में गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है। अब भारत में भी कई जगहों पर इसे उगाया जाने लगा है। यह दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है।

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ढाई से तीन फीट ऊंचे पौधे में ही लगे रसीले आम
डाडूवाला निवासी नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने इस किस्म के आम के पौधों को कोलकाता की नर्सरी से कूरियर के जरिए मंगवाया था। वहां से घर तक पहुंचने में एक पौधे की कीमत पांच हजार रुपये आई। ट्रायल बेस पर अभी मियाजाकी आम और दूसरी नस्ल के दो से तीन पौधे मंगवाए हैं। इन सब में आम लग चुके हैं। मियाजाकी आम जब कच्चा होता है तो उसका रंग बैंगनी रहता है, पककर सुर्ख लाल हो जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल सफल रहने के बाद अब वह इसका बगीचा तैयार करेंगे। उम्मीद है देहरादून और चंडीगढ़ की मंडियों में इसकी अच्छी कीमत मिल जाएगी।

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