जापान के मियाजाकी शहर में उगाया जाता है यह आम
यह जापान के मियाजाकी शहर में उगाया जाने वाला एक खास किस्म का आम है। यह अपनी अनोखी लाल-बैंगनी रंगत और उच्च गुणवत्ता के कारण विशेष है। यह इरविन आम की एक किस्म है, जिसे 1940 के दशक में फ्लोरिडा में उगाया गया था। मियाजाकी में इसे पहली बार 1980 में उगाया गया, शहर के नाम पर ही इसका यह नाम पड़ा। इस आम में एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड जैसे गुण होते हैं। इस आम को उगने में गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है। अब भारत में भी कई जगहों पर इसे उगाया जाने लगा है। यह दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है।
ढाई से तीन फीट ऊंचे पौधे में ही लगे रसीले आम
डाडूवाला निवासी नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने इस किस्म के आम के पौधों को कोलकाता की नर्सरी से कूरियर के जरिए मंगवाया था। वहां से घर तक पहुंचने में एक पौधे की कीमत पांच हजार रुपये आई। ट्रायल बेस पर अभी मियाजाकी आम और दूसरी नस्ल के दो से तीन पौधे मंगवाए हैं। इन सब में आम लग चुके हैं। मियाजाकी आम जब कच्चा होता है तो उसका रंग बैंगनी रहता है, पककर सुर्ख लाल हो जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल सफल रहने के बाद अब वह इसका बगीचा तैयार करेंगे। उम्मीद है देहरादून और चंडीगढ़ की मंडियों में इसकी अच्छी कीमत मिल जाएगी।
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