कांगड़ा के शाहपुर में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से युवक की जान चली गई। मंडी में बाइक पर पेड़ गिरने से एक की मौत हो गई और एक घायल हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी शिमला, धर्मशाला व चंबा में झमाझम बादल बरसे।
खराब मौसम को देखते हुए किन्नौर कैलाश यात्रा स्थगित कर दी गई है। मेलिंग खट्टा में करीब 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठहराया गया है। मौसम साफ होने के बाद ही यात्रा फिर शुरू होगी। कांगड़ा, शिमला, कुल्लू में बुधवार को हवाई उड़ानें नहीं हुईं। बारिश से जलस्तर बढ़ने पर पंडोह डैम के पांच गेट खोले गए और करीब 40,000 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा गया। हिमाचल प्रदेश में 289 सड़कें, 346 बिजली के ट्रांसफार्मर और 254 पेयजल योजनाएं अभी भी ठप हैं।
मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के चलते बुधवार सुबह करीब 4 बजे नौ मील और कैंची मोड़ के पास पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिर गए। इससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। इसे सुबह 8 बजे खाेला गया। दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक बनाला में एनएच ठप रहा। कांगड़ा जिले में मंगलवार रात भारी बारिश हुई। ऊना, हमीरपुर में भी हल्की बारिश हुई।
चंबा में मूसलाधार बारिश से भरमौर-पठानकोट हाईवे जगह-जगह भूस्खलन से प्रभावित रहा। हरिद्वार से सिहुंता के लिए आ रहे परिवार की गाड़ी कामला में कीचड़ में फंस गई। गाड़ी में सवार सात लोगों ने वहां से भागकर जान बचाई। चुराह उपमंडल की मंगली पंचायत भोड़ास में भूस्खलन से कुछ मकान चपेट में आए हैं। रजिंडू पंचायत में भारी भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। कई घरों मेंं कीचड़ पहुंचने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गईं। भारी बारिश से मनाली में ब्यास का जलस्तर बढ़ने से बाहंग कस्बे को खतरा पैदा हो गया है। कई घर खतरे की जद में आ गए हैं।