निरीक्षण के दौरान भाखड़ा घाट से कोसरिया घाट तक वाटर मेट्रो सेवा पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना से यात्रियों के साथ-साथ वाहनों की भी आवाजाही संभव होगी। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रोमांचक अनुभव के साथ समय की भी बचत होगी। मंडी भराड़ी क्षेत्र में टीम ने प्रस्तावित वेसाइड एमेनिटीज और ग्लास ब्रिज स्थल का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने बताया कि यह क्षेत्र शिमला, धर्मशाला, चंडीगढ़ और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों को जोड़ता है। इसलिए यहां पर उच्च स्तरीय विश्राम कक्ष, खानपान, पार्किंग और सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ग्लास ब्रिज का डीपीआर पर्यटन विभाग को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नकराणा क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं का भी आकलन किया गया। उपायुक्त ने कहा कि भाखड़ा का प्राकृतिक सौंदर्य, शांत जलधाराएं और पर्वतीय माहौल वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए इसे आदर्श स्थल बनाता है। उन्होंने कहा कि नयना देवी आने वाले श्रद्धालुओं को यहां जल क्रीड़ा का नया अनुभव मिलेगा। भाखड़ा दौरे के दौरान उपायुक्त ने नौकायन गतिविधियों में संलग्न स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।