मलबे के कारण स्कूल का रास्ता भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा का मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इससे सरकार के स्कूलों में बेहतर शिक्षा, सुरक्षा देने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। उधर, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सुंदरनगर प्रदीप कुमार ने कहा कि बैहना स्कूल में पिछले तीन साल से नाले की वजह से बरसात में मलबा आ रहा है। इसकी लिखित जानकारी स्कूल से मंगवाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
स्कूल में 2023 की आपदा के बाद अब हर बरसात में मलबा आ रहा है। इसको लेकर खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को लिखित रिपोर्ट सौंप दी है। इस बरसात में फिर मलबा भर चुका है। स्कूल का किचन शेड खतरे में है। - सुमन ठाकुर, मुख्य अध्यापिका
स्कूल प्रमुखों को समय-समय पर पानी की निकासी, पेड़ काटने के बारे में निर्देश जारी किए जाते हैं। समय-समय पर विभागीय टीमें भी निरीक्षण कर जायजा लेती हैं। - हरी चंद, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा