ग्रामीण हिमाचल सबसे आगे
दिलचस्प तथ्य है कि ग्रामीण हिमाचल इस मामले में सबसे आगे है। प्रदेश के 79 फीसदी ग्रामीण परिवारों ने यात्रा की जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 72.5 फीसदी दर्ज हुआ। पंजाब में समान-दिवसीय यात्रा करने वाले परिवारों की हिस्सेदारी 65.4 फीसदी, हरियाणा में 55.4 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 65.6, दिल्ली में 42.6, चंडीगढ़ में 27.0 और उत्तराखंड में केवल 41.4 फीसदी रही। यानी हिमाचल ने न केवल मैदानी राज्यों बल्कि दूसरे पहाड़ी राज्य उत्तराखंड को भी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। हिमाचल की वादियों में यात्रा करने के लिए बस और निजी वाहन पहली पसंद रहे। ग्रामीण हिमाचल में रात भर की यात्राओं के लिए 32 फीसदी हिस्सा बसों का और 30.4 फीसदी हिस्सा किराए या निजी वाहनों का रहा है। छुट्टियों और सुकून के लिए की जाने वाली यात्राओं में परिवहन पर सबसे बड़ा खर्च करीब 32 फीसदी से 37 फीसदी तक हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल रात्रि यात्राओं का 27.7 फीसदी हिस्सा गैर-व्यावसायिक आवासों जैसे अपने खुद के वेकेशन होम, रिश्तेदारों के पास या पारंपरिक आतिथ्य में बीता, जबकि होटलों और गेस्टहाउसों की मांग में भी तेजी दर्ज की गई है।
धार्मिक और तीर्थ यात्राएं हुई सबसे अधिक
रिपोर्ट बताती है कि देशभर में घरेलू यात्राओं में धार्मिक और तीर्थ यात्राएं सबसे अधिक हैं, इनकी हिस्सेदारी 47.7 फीसदी रही। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 29.6 फीसदी और छुट्टियों-मनोरंजन के लिए 22.1 फीसदी यात्राएं हो रही हैं। मई महीना अवकाश यात्राओं का सबसे व्यस्त समय रहा। अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों यात्राओं में सामाजिक मेल-मिलाप जैसे रिश्तेदारों से मिलना और पारिवारिक समारोह और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना मुख्य कारण रहे हैं।
1,918 परिवारों से जुटाई गई हिमाचल की तस्वीर
सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश से ग्रामीण क्षेत्रों की 138 और शहरी क्षेत्रों की 56 प्रथम चरण इकाइयां शामिल की गईं। कुल मिलाकर प्रदेश में 1,360 ग्रामीण और 558 शहरी परिवारों, यानी 1,918 परिवारों से जानकारी जुटाई गई।
पर्यटन हिमाचल की अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि लोगों की जीवनशैली और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। प्रदेश में 77.9 प्रतिशत परिवारों की यात्रा गतिविधियों से जुड़ाव यह दर्शाता है कि यहां घरेलू पर्यटन की मजबूत संस्कृति विकसित हुई है। राज्य सरकार पर्यटन अवसंरचना, होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन और नए पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।- आरएस बाली, उपाध्यक्ष पर्यटन विकास बोर्ड