स्पॉट मूल्यांकन के तहत शिक्षकों के पाठन कार्य, छात्रों के साथ संवाद, स्कूल में नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और नेतृत्व क्षमता जैसे पहलुओं को परखा जाएगा। इसके अलावा शिक्षक की ओर से बताए गए कार्यों की पुष्टि स्थानीय स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और विद्यार्थियों से बात करके भी की जाएगी। मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद सभी कमेटियों को 21 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों का साक्षात्कार शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा लिया जाएगा।
यह कमेटी अंतिम रूप से चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा करेगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक की योग्यता केवल उसके प्रयासों से नहीं, बल्कि छात्रों की वार्षिक परीक्षा परिणामों में उसके योगदान से भी मापी जाएगी। जिन शिक्षकों ने छात्रों के सीखने की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार किया है, उन्हें विशेष वरीयता दी जाएगी। चयनित शिक्षकों को 5 सितंबर को शिमला स्थित राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सम्मानित करेंगे।