हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड
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राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर वेतनमान देने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। पंजाब ने साल 2020 में यह बदलाव कर दिया था। अब बोर्ड की मजबूती के लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी ने हिमाचल के लिए भी यह प्रस्ताव तैयार कर दिया है। इसके तहत कर्मचारियों को वेतनमान केंद्र सरकार का रहेगा और भत्ते हिमाचल सरकार की तर्ज पर किए जाएंगे। आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव की मंजूरी लेने के लिए सब कमेटी ने सिफारिश की है।
राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों का वेतनमान संशोधित होने जा रहा है। केंद्र सरकार की तर्ज पर वेतनमान को एक समान बनाने और योग्यता अनुसार भत्ते देने का प्रस्ताव बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड कर्मचारियों के मौजूदा वेतन ढांचे को केंद्र सरकार के वेतनमान (7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार) के अनुरूप संशोधित करना है। बोर्ड के कई कर्मचारी केंद्र सरकार के विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के समान जिम्मेदारी और योग्यता के साथ काम करते हैं। वेतनमानों को एक समान बनाने से समानता और मानकीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह कसरत शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि बिजली जैसे तकनीकी रूप से मांग वाले क्षेत्र में कुशल कर्मियों को बनाए रखने और योग्य पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन संरचनाएं आवश्यक हैं। कई अन्य राज्यों के स्वामित्व वाली उपयोगिताओं और निगमों ने कार्यबल दक्षता बनाए रखने के लिए या तो समान संरेखण को लागू किया है या विचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश में यह प्रक्रिया शुरू की गई है। समान पदनामों के लिए भारत सरकार के वेतन मैट्रिक्स के साथ वर्तमान बोर्ड वेतनमानों की विस्तृत तुलना कर ली गई है।