शैक्षणिक सत्र 2022-23 की मेरिट सूची में शामिल दसवीं और बारहवीं कक्षा तथा कॉलेजों के मेधावियों को अपनी पसंद को कोई भी एक इलेक्ट्रानिक गैजेट देने का सरकार ने फैसला लिया है। राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स कारपोरेशन के माध्यम से गैजेट्स की कॉन्फ़िगरेशन तय की गई है। कारपोरेशन ने कई कंपनियों को इसके तहत चयनित किया है। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवेदन करने को एक पोर्टल भी तैयार किया है। इस पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड करने के बाद मेधावी अपनी पसंद के किसी एक इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट को चुन सकेंगे। वर्ष 2007 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय में लैपटॉप देने के साथ इस योजना को शुरू किया गया था।
2012 में वीरभद्र सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए विद्यार्थियों की संख्या का दायरा इस योजना में बढ़ाया। 2017 में जयराम सरकार योजना को बंद करने और जारी रखने की पसोपेश में फंसी रही। बाद में सरकार ने योजना जारी रखते हुए लैपटॉप दिए। बाद में योजना के तहत टैबलेट दिए गए। अब सुक्खू सरकार ने योजना में बड़ा बदलाव किया है। सरकार मेधावियों के लिए स्वयं कोई भी खरीद नहीं करेगी। नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स की एक बास्केट तैयार की गई है। मेधावी विद्यार्थियों को सरकार सम्मानित करते हुए एक कूपन देगी। इस कूपन के माध्यम से मेधावी अपनी पसंद की कंपनी का लैपटॉप या टैबलेट ले सकेंगे।