एचपीयू के अनुसार इस फैसले से करीब 1.10 लाख विद्यार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। इनमें मुख्य कैंपस, क्षेत्रीय केंद्रों और सभी संबद्ध कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र शामिल हैं। अब छात्रों को दस्तावेज खोने, देरी से मिलने या दोबारा बनवाने की परेशानी नहीं होगी, क्योंकि सब कुछ डिजीलॉकर पर सुरक्षित रहेगा। विश्वविद्यालय का कहना है कि 2024 तक की मार्क्सशीट अपलोड होने के बाद आने वाले समय में डेटशीट और बाकी शैक्षणिक रिकॉर्ड भी ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे परीक्षाओं से पहले जानकारी लेने के लिए विभागों में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। छात्र घर बैठे अपने दस्तावेज निकाल सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों के लिए अपार आईडी बनाना भी जरूरी होगा। एचपीयू ने विद्यार्थियों से अपार आईडी जल्द बनवाने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी भी काम में देरी न हो सके।
यह कदम विश्वविद्यालय को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। इससे प्रवेश, सरकारी नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा या विदेश में पढ़ाई के लिए दस्तावेज दिखाने जैसी प्रक्रियाएं पहले से ज्यादा आसान होंगी। - श्याम लाल कौशल, परीक्षा नियंत्रक, एचपीयू