मौके पर पाया कि एमडीएम किचन में एक बाल्टी चावल बन कर तैयार थी, जबकि गैस पर पनीर पकने के लिए चढ़ाया गया था। जब स्कूल में छठी से आठवीं तक के बच्चे वीरवार को स्कूल आए ही नहीं, तो फिर यह पनीर किसके लिए बन रहा था, इसकी जांच भी शुरू हो गई है। वहीं एएमएस पोर्टल पर एमडीएम की गलत जानकारी देने का भी कारण मांगा है। उधर, एमडीएम जिला नोडल अधिकारी राज कुमार पराशर ने कहा कि स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले की जांच की जा रही है। जब स्कूल में विद्यार्थी नहीं आए थे, तो 80 बच्चों को खाना कैसे खिला दिया और किचन पनीर किस के लिए बन रहा था। जांच में दोषी पाए जाने वाले नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भी सौंपी जाएगी।