शिकायत के अनुसार उसका बेटा प्राथमिक पाठशाला खड्डापानी में प्रथम कक्षा में पढ़ता है। वहां पर एसएमसी की ओर से रखे गए नितिश ठाकुर और मुख्य अध्यापक देवेंद्र पढ़ाते हैं। नितिश ठाकुर पर आरोप है कि उसने बच्चे के साथ मारपीट करके कान से खून निकाला। शौचालय में ले जाकर उसकी पेंट में बिच्छु बूटी डालकर प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाया कि बच्चे को इस बात को घर पर न बताने के लिए धमकी दी गई। आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चो को खाना खाने के लिए छुआ छूत वाला व्यवहार किया जाता है। नेपाली बच्चों, हरिजन के बच्चों और राजपूत के बच्चो को अलग अलग बैठाया जाता है। पिता ने आरोप लगाया था कि 30 अक्तूबर को अध्यापक ने बच्चे को गाड़ी में धमकी देकर बैठाया। उनको जान से मारने और जलाने की धमकिया दी। साथ में 10,500 रुपये माफी नामे के तौर पर जेब में जबरदस्ती धमकी देकर डाले गए।
मुख्य अध्यापक देवेंद्र और भलूण कैंची स्कूल में कार्यरत अध्यापक बाबू राम ने 29 अक्तूबर की रात के समय 10 बजे घर पर पहुंच कर मामले को दबाने के लिए दबाव बनाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब जांच के बाद एक शिक्षक को आरोपी बना कर गिरफ्तार किया गया है। उधर, डीएसपी प्रणव चौहान ने बताया कि छात्र की पिटाई के मामले में भलूण पंचायत के खड्डापानी स्कूल के आरोपी शिक्षक नितिश ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को 20 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।