एचआरए और भत्ते बढ़ाए जाएं : कमल
महासंघ के महासचिव कमल कृष्ण शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का ऐह धन्यवाद करते हैं। उन्होंने एक जनवरी 2023 से जो डीए देय था, उसकी घोषणा की है। वेतन और पेंशन 28 अक्तूबर को देने की घोषणा की है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 हजार रुपये वेतनमान का एरियर देने की भी बात की है। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अन्य मुद्दों पर भी फैसला लेंगे। मुख्यमंत्री एरियर को जारी करेंगे, उन्हें यह भी उम्मीद है। इसी मंच से पुलिसकर्मियों के पास की सुविधा खत्म करने का मामला भी रखा गया था। उसे भी अब बढ़ाकर 500 रुपये मासिक कर दिया है। सरकार और प्रशासन से अनुरोध है कि सीसीए के 250 रुपये मिलते हैं, उसे भी बढ़ाया जाए। इसके अलावा एचआरए का संशोधन 2012 में हुआ था। इस पर भी सरकार आज की महंगाई देखते हुए बढ़ाए। कई अन्य भत्तों को भी सरकार से बढ़ाने की मांग होगी। सचिवालय पे स्केल को भी संशोधित किया जाए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत करें : टेकराम
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष टेकराम ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी पदोन्नति की जाए। केवल आईएएस की ही पदोन्नतियां नहीं होती हैं, बाबुओं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी होती है। अब गठरी खुल गई है। डीए 10-12 प्रतिशत भी मिल जाएगा।
सरकार ने प्रसाद दिया, उसे ग्रहण कर रहे हैं : अमरजीत
सचिवालय चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत ने कहा कि हम नेता नहीं हैं, कर्मचारियों की आवाज हैं। सरकार ने प्रसाद दिया है, उसे ग्रहण कर रहे हैं। महंगाई भत्ता जारी करने का श्रेय लाखों कर्मचारियों को जाता है। वे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हैं।चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी नए वेतनमान का एरियर देने की घोषणा भी की है। इसका वह धन्यवाद करते हैं। यह मत समझें कि गेट मीटिंग इसके बाद नहीं होगी। यह होती रहेगी। आगे भी तभी वित्तीय लाभ मिलेंगे। मुख्यमंत्री को वे यह कहना चाहते हैं कि सभी उनके परिवार का हिस्सा हैं।
बाहर के लोगों ने रचा षड्यंत्र : गीता शर्मा
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं अधिकारी संघ के अध्यक्ष गीता शर्मा ने कहा कि सब लोग सचिवालय का अंग हैं, इसे अलग नहीं किया जा सकता है। बाहर के लोगों ने षड्यंत्र किया है। ऐसे लोगों को आगाह करना चाहते हैं कि वे भविष्य में षड्यंत्र न रचें। परिवार में भी संघर्ष करना पड़ता है। सचिवालय के कर्मचारी पूरे प्रदेश की सेवाएं करते हैं।