फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: शिमला में स्क्रब टायफस की दस्तक, 4 नए मामले आए; IGMC में दाखिल हैं चारों मरीज, जानें लक्षण और बचाव

Mon, 14 Oct 2024 10:47 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में स्क्रब टायफस फिर से पैर पसार रहा है। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के चार नए मामले आए हैं जिसमें से एक मामला न्यू शिमला से है। 
 
विज्ञापन
स्क्रब टायफस (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में स्क्रब टायफस के मामले फिर से आने लगे हैं। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के चार नए मामले आए हैं जिसमें से एक मामला न्यू शिमला से है। चारों मरीजों को अस्पताल के महिला और पुरुष वार्ड में दाखिल किया है। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष है। आईजीएमसी में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। मेडिसिन ओपीडी में उपचार करवाने आए मरीजों की संख्या अधिक होती है। अस्पताल में सोमवार को भी औसतन 100 से अधिक मरीजों ने मेडिसिन की ओपीडी में उपचार करवाया। इस दौरान ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इनमें जिला शिमला के कुमारसैन, कोटखाई, जुब्बल, करसोग और साेलन से आए मरीजों में बुखार, कंपकंपी जैसे लक्षणों मिले हैं। हालांकि अधिकांश मरीजों को चिकित्सकों ने ओपीडी में ही प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया। इनमें किसी भी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई।

विज्ञापन


अब तक 52 मामले आए, दो की मौत
आईजीएमसी में इस साल अब तक 580 मरीजों के स्क्रब टायफस के टेस्ट करवाए हैं। लैब में करीब 580 सैंपलों की जांच हुई है। इनमें 52 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें एक मंडी के रहने वाले 59 और शिमला के पंथाघाटी के रहने वाले 91 साल के बुजुर्ग मरीज की मौत हो चुकी है।

स्क्रब टायफस के लक्षण

  1. 104 से 105 डिग्री तक बुखार
  2. जोड़ों में दर्द और कंपकपी के साथ बुखार आना
  3. शरीर में अकड़न या टूटा हुआ महसूस होना
  4. गर्दन, बाजू के नीचे और कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना

विज्ञापन

ऐसे करें बचाव

  1. शरीर की सफाई का ध्यान रखें
  2. घर और आसपास का वातावरण साफ रखें
  3. घर के चारों ओर घास तथा खरपतवार न उगने दें
  4. कीटनाशक दवाओं का करें छिड़काव
विज्ञापन

घास में पाए जाने वाले कीट से होता है स्क्रब टायफस
आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के सहायक प्रो. डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि स्क्रब टायफस घास में पाए जाने वाले एक माइट कीट के काटने से होता है। अब घास कटाई का काम शुरू होने से फिर से मामले सामने आने लगे हैं। इसके लक्षण कुछ दिनों बाद सामने आते हैं। कहा कि जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी हो और वह किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं तो उन्हें तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। हल्की सी लापरवाही गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। पेट में दर्द लगना, भूख न लगने जैसे लक्षण हैं तो भी अनदेखी न करें और समय रहते उपचार के लिए अस्पताल आएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें