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हिमाचल प्रदेश: एक वोट से हारी रंजू ने साढ़े चार साल लड़ी लड़ाई, अब कोर्ट ने प्रधान की कमान थमाई; जानें मामला

Sat, 08 Nov 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, रोहड़ू।

सार

जिला शिमला में शुक्रवार को जुब्बल के एसडीएम गुरमीत नेगी ने रंजू नेगटा को प्रधान पद की शपथ दिलाई। रंजू नेगटा को एक वोट से हार मिली थी। जिसकी लड़ाई उन्होंने हाईकोर्ट में लड़ी। पढ़ें पूरा मामला...
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रंजू नेगटा को एसडीएम गुरमीत नेगी ने दिलाई प्रधान पद की शपथ। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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विकास खंड जुब्बल की सारी पंचायत में साढ़े चार साल पांच के लंबे इंतजार के बाद रंजू नेगटा प्रधान बनीं। उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायालय में अपने हक की लड़ाई लड़ी। शुक्रवार को जुब्बल के एसडीएम गुरमीत नेगी ने रंजू को प्रधान पद की शपथ दिलाई। इससे पहले पंचायत प्रधान रहीं अनु रांगटा को पद से हटा दिया गया है। यह मामला वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव से जुड़ा है।

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सारी पंचायत में रंजू नेगटा और अनु रांगटा प्रधान पद के लिए आमने-सामने थीं। 21 जनवरी 2021 को घोषित नतीजों में अनु रांगटा को 247 वोट और रंजू को 246 वोट पड़े थे। चुनाव में अनु रांगटा को महज एक वोट से विजयी घोषित कर दिया गया। चुनाव परिणाम पर रंजू ने आपत्ति जताई और उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। उनका आरोप था कि उनके पक्ष में पड़े कई वोटों को गलत तरीके से अवैध करार दिया गया, जबकि कुछ वोट अनुचित रूप से मान्य माने गए।

उच्च न्यायालय ने चुनावी रिकॉर्ड मंगवाकर वोटों की दोबारा गिनती करवाई। रीकाउटिंग के दौरान स्पष्ट हुआ कि अनु को कुल 244 वोट और रंजू को 245 वोट मिले हैं। 26 सितंबर को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए रंजू को सारी पंचायत की प्रधान घोषित किया। न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए 14 अक्तूबर को उपायुक्त शिमला ने भी अधिसूचना जारी कर रंजू को सारी पंचायत की प्रधान घोषित किया। शुक्रवार को जुब्बल के एसडीएम गुरमीत नेगी ने रंजू को प्रधान पद की शपथ दिलाई।

न्याय की हुई जीत : रंजू
नवनिर्वाचित प्रधान रंजू नेगटा ने बताया कि लगभग पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार यह ऐतिहासिक पल आया है। पांच साल पहले सारी चुनाव में जो धांधली हुई, उसका अब खुलासा हुआ है। उन्हें खुशी है कि न्याय की जीत हुई है।
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बस दो माह के लिए मिली कुर्सी
हालांकि, वह दिसंबर तक की प्रधान पद पर रहेंगी। दरअसल, दिसंबर या जनवरी में पंचायत चुनाव हो रहे हैं।
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