कई किसानों की कृषि एवं बागवानी भूमि कटाव की चपेट में आ गई। उधर, किन्नौर जिले की चगांव पंचायत के याशंग गांव में बुधवार सुबह लौदांग पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। भूस्खलन से खेतों, बगीचों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। भूस्खलन के कारण गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क बंद हो गई है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पेयजल की मुख्य पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हुई है, इससे जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं के कारण पहाड़ कमजोर हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से विशेषज्ञों की ओर से वैज्ञानिक जांच कराने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।