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Himachal: गगल हवाई अड्डे पर रनवे के विस्तार का प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन, राज्य मंत्री ने दिया जवाब

Thu, 28 Nov 2024 06:50 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर ने नागर विमानन मंत्रालय से पूछा कि क्या सरकार ने हवाई पट्टी के विस्तार की मंजूरी दे दी है। जिस पर नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने जवाब दिया।
 
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नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि गगल हवाई अड्डे पर रनवे की 3010 मीटर लंबाई करने के लिए भारतीय विमानन प्राधिकरण की ओर से तैयार प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नागर विमानन नीति 2016 के अनुसार हवाई अड्डे के विकास के लिए निशुल्क और सभी बाधाओं से मुक्त भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार की है, इसलिए कांगड़ा में हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 369.82 एकड़ की अतिरिक्त भूमि के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है। इसे अभी राज्य सरकार की ओर से सौंपा जाना है।

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डाॅ. सिकंदर ने नागर विमानन मंत्रालय से पूछा कि क्या सरकार ने हवाई पट्टी के विस्तार की मंजूरी दे दी है। भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजे पर कुल कितना व्यय किया जाएगा और क्या सरकार ने हिमाचल प्रदेश में आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कोई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिमला और कुल्लू के हवाई अड्डे, रामपुर और मंडी के हेलीपोर्ट पहले ही शुरू हो चुके हैं। हवाई अड्डों के परिणामस्वरूप निर्माण कार्य के लिए तकनीकी विशेषज्ञों के लिए अवसर प्रदान करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं।

आपात हेलिकॉप्टर चिकित्सा सेवा इकाइयों का विकास करने का विचार हिमाचल में नहीं
डॉ. सिकंदर ने नागर विमानन मंत्री से जानना चाहा कि क्या सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर आपातकालीन हेलिकॉप्टर चिकित्सा सेवा इकाइयों का विकास करने का विचार रखती है। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार के पास कोई अन्य प्रस्ताव या योजना नहीं है और अब तक केवल उत्तराखंड राज्य में पायलट आधार पर शुरू किया गया है।

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