साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों ने विवि के अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। सेल की मीटिगेशन टीम मामले की गहनता से पड़ताल करेगी। वेबसाइट पर साइबर अटैक होने की वजह से प्रदेशभर के विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं विवि के वेबसाइट इंचार्ज शशि डोगरा ने माना कि वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ हुई है। इन दिनों शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें मिल रही हैं। इसमें यूआरएल को बदल दिया गया है। इससे वेबसाइट को यूज करने वाला संस्थान की साइट पर न जाकर हैकर द्वारा डाले गए यूआरएएल एड्रेस पर ले जाकर अपने मैसेज डाल देते हैं। फिलहाल वेबसाइट को बंद कर दिया गया है।
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शाम साढ़े सात बजे तक विवि की इस मुख्य वेबसाइट पर अंडर मेटेंनेस सॉरी फाॅर इनकनविनियस का मैसेज प्रदर्शित हो रहा है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर साइबर अटैक होने से पीजी डिग्री कोर्स की चल रहीं प्रवेश व काउंसलिंग की प्रक्रिया का अपडेट लेने वाले प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन दिनों विश्वविद्यालय में प्रवेश मेरिट, काउंसलिंग का शेड्यूल और नए सत्र के शुरू होने पर जारी होने वाली जानकारियों के लिए भी छात्र नियमित साइट को खोलते हैं।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर साइबर हमला होने की सूचना मिली है। विवि के संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क करके मामले की जानकारी जुटाई गई है। मीटिगेशन टीम मामले की गहनता से जांच करेगी। हाल ही में साइबर अटैक के मामलों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। इसको देखते हुए सरकारी विभागों, संस्थानों सहित लोगों को अपने सिस्टम को इस तरह के हमलों से बचाने के लिए सिक्योर करने की सलाह दी जाती है। - मोहित चावला, डीआईजी साइबर क्राइम सेल