याचिकाकर्ता के अनुसार रजिस्ट्रार सहकारी समिति हिमाचल प्रदेश ने दिनांक 21 अक्तूबर 2024 के आदेश पारित किया गया था। इसके तहत एचपी राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी (रोजगार की शर्तें और काम करने की स्थिति) नियम, 1979 के नियम 7, 19 (बी), 21, 22, 23, 33, 34 और 61 में संशोधन करने की मंजूरी दी है, जिसने कर्मचारियों के प्रति पूर्वाग्रह पैदा किया है। ऊपर से नीचे तक प्रत्येक ग्रेड में पदोन्नति के लिए विचार किए जाने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। खंडपीठ ने कहा कि जो व्यक्ति अभी तक कैडर का हिस्सा नहीं हैं, वे अपने प्रवेश से पहले लागू की गई नीतियों के आधार पर अधिकारों का दावा नहीं कर सकते।
हिमाचल हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि संशोधित करना राज्य की क्षमता के भीतर है। इसी तरह राज्य विभागों को मिलाने, वर्गीकरण, विभाजन, पुनर्गठन और पदों की विभिन्न श्रेणियों का गठन करने का हकदार है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि उच्च शैक्षणिकता, योग्यता की एक उच्च डिग्री आंतरिक रूप से कुछ कौशल लाएगी और किए जा रहे काम के साथ घनिष्ठ संबंध रखेगी।