मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में सीवरेज सेस लगाने के दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने वित्त मंत्री सीतारमण की पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का ऐसा कोई भी प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसी बेतुकी और आधारहीन बयानबाजी करने से परहेज किया जाना चाहिए।
शुक्रवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू ने कहा कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। इस तरह के मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास नहीं करना चाहिए। विशेषकर उस स्थिति में जब आरोप वास्तविकता से परे हों। गौर हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पोस्ट के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो इस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रिपोस्ट कर पलटवार किया।
सीतारमण ने पोस्ट डाली कि अगर यह सही है तो यह बात अविश्वसनीय भी है कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता को लोगों का आंदोलन बना रहे हैं, वहीं कांग्रेस टॉयलेट पर भी टैक्स लगा रही है। इस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रिपोस्ट किया कि भाजपा ने उच्च स्तर पर जान-बूझकर राजनीतिक उपद्रव से गलत तथ्य पेश किए हैं। देवभूमि में कोई भी टॉयलेट टैक्स नहीं लगाया गया है।
वापस ले ली थी अधिसूचना : ओंकार
अतिरिक्त मुख्य सचिव जल शक्ति ओंकार शर्मा ने कहा कि सरकार ने एक फार्मूले के तहत 25 रुपये पर सीट सीवरेज शुल्क लेने का फैसला लिया। जब फाइल उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को भेजी तो उन्होंने इसे बेतुका बताया। ऐसे में 21 सितंबर को ही अधिसूचना वापस ले ली थी।