ठेकेदार ने पटवारी स्तर से आवश्यक अनुमति ले ली थी, लेकिन बीओ फाइल पर साइन करने में अनाकानी कर रहा था। आरोप है कि बीओ ने दलाल नरेश के माध्यम से ठेकेदार से रिश्वत की मांग की। दोनों के बीच 22 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। ठेकेदार ने इसकी सूचना पहले ही विजिलेंस को दे दी थी। शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने पट्टा क्षेत्र में जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार ठेकेदार ने दलाल के माध्यम से रिश्वत की रकम बीओ तक पहुंचाई। इसी दौरान सिविल वर्दी में मौजूद विजिलेंस टीम ने दोनों को पकड़ लिया और रकम को मौके से कब्जे में ले लिया। डीएसपी विजिलेंस अनिल कुमार ने बताया कि दोनों को रिश्वत लेते मौके पर पकड़ा गया है। आरोपियों को शनिवार को सोलन स्थित अदालत में पेश किया जाएगा।