प्रदेश में छह मेडिकल कॉलेज और एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है। इन मेडिकल कॉलेजों के विभागों में जहां प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर ज्यादा होंगे, उन्हें उन मेडिकल कॉलेजों में भेजा जाएगा, जहां कमी चल रही है। मरीजों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों व अन्य मेडिकल कॉलेजों में उपचार कराने के लिए न जाने पड़े, इसके चलते सरकार ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। प्रदेश के हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर तैनात होंगे। मेडिकल कॉलेजों में तैनात एमओ को इन केंद्रों में भेजने का फैसला लिया गया है।
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