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Himachal: पुलिस ने डेढ़ साल तक नहीं की कार्रवाई, अब सीबीआई करेगी 10 लाख के साइबर ठगी मामले में जांच

Wed, 03 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh विश्वास भारद्वाज, शिमला।

सार

प्रदेश में पहली बार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) शिमला किसी साइबर फ्रॉड मामले की जांच करने जा रही है। 
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साइबर ठगी(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में पहली बार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) शिमला किसी साइबर फ्रॉड मामले की जांच करने जा रही है। सबसे दिलचस्प और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पीड़ित को स्थानीय पुलिस और साइबर सेल से डेढ़ साल तक कोई राहत नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने सीबीआई का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता देखते हुए सीबीआई ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कांगड़ा जिले के बैजनाथ स्थित पंजाब नेशनल बैंक की राजनगर शाखा में तैनात डिप्टी मैनेजर से जुड़ा है। 

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 शिकायत के अनुसार 2 दिसंबर, 2024 को डिप्टी बैंक मैनेजर देव राज शर्मा के मोबाइल फोन पर कुछ ओटीपी आए, जिन्हें उन्होंने किसी के साथ साझा नहीं किया। इसके बावजूद कुछ ही मिनटों में उनके खाते से पांच-पांच लाख रुपये के दो ट्रांजेक्शन कर कुल 10 लाख रुपये निकाल लिए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि रकम एक्सिस बैंक और पीएनबी की कोलकाता शाखा के खातों में ट्रांसफर की गई। पीड़ित ने अगले दिन पुलिस चौकी चढि़यार में शिकायत दी थी, लेकिन डेढ़ साल तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद उन्होंने सीबीआई से हस्तक्षेप की मांग की। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) तथा आईटी एक्ट की धाराओं 43, 66 और 66सी के तहत मामला दर्ज कर जांच इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को सौंपी है। अब एजेंसी साइबर ठगी के पीछे सक्रिय संभावित अंतरराज्यीय गिरोह और डिजिटल ट्रेल की पड़ताल करेगी।
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