ईडी ने दावा किया कि आगे की जांच और सबूतों के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए याचिकाकर्ता से हिरासत में पूछताछ आवश्यक थी। बंसल ने एचजीपीआई के माध्यम से 1729 झूठे और जाली दावे प्रस्तुत कर 14.49 करोड़ रुपये की अपराध आय अर्जित की थी। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा विभाग को 636 झूठे और जाली दावे प्रस्तुत कर 3.80 करोड़ की अपराध आय हासिल की। ये दावे उन छात्रों के संबंध में थे, जो एचजीपीआई और एजीपीआई के लिए संबंधित विवि और बोर्ड में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं थे। मां सरस्वती एजुकेशनल ट्रस्ट के माध्यम से बंसल ने कालाअंब में दो अलग-अलग अचल संपत्तियां खरीदीं। इनमें से एक 59.09 बीघा भूमि, जिसकी लागत 59.45 लाख और दूसरी 13.06 बीघा भूमि 90 लाख में खरीदी थी। संपत्तियों को खरीदने के लिए छात्रों से एकत्र फीस, बैंक ऋण और पीएमएस योजना के तहत छात्रवृत्ति के जाली दावों से प्राप्त धन का उपयोग किया गया था।